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शादी के बाद क्यों मनाया जाता है हनीमून, कैसे हुई शुरुआत


शादी हर इंसान के जीवन का सबसे खूबसूरत पल होता है। शादी में बहुत सी रश्मों को निभाना होता है। कपड़ों की तैयारी, बारात की तैयारी, रिसेप्शन, लेडीज़ संगीत, विदा की रस्म हर एक रस्म बड़ी ही खास होती है और इन रस्मों को शानदार और यादगार बनाने के लिए वर और वधू दोनों ही पक्ष बड़े जतन करते हैं। लेकिन इस सब के अलावा शादी के बाद एक और रस्म है जो बेहद ज़रूरी होती है। 

हनीमून की रस्म:

पहले भले ही इसका चलन नहीं था लेकिन आज के वक्त में तो लगभग सभी कपल्स शादी के बाद ज़िदंगी से कुछ ऐसे लम्हे चुराते हैं जिनमें वो सिर्फ एक-दूसरे के साथ वक्त बिता सकें। शादी के बाद के इस खूबसूरत पलों को ही हनीमून पीरियड का नाम दिया गया है।


जिंदगी के वो खूबसूरत पल:

# हनीमून पीरियड कपल्स को एक-दूसरे के साथ वक्त बिताने का, उन्हें जानने का मौका देता है। शादी के बाद जब आप परिवार और ज़िम्मेदारियों के बंधन में बंध जाते हैं तो ये वक्त नहीं मिल पाता है इसलिए शादीशुदा ज़िंदगी की शुरूआत ही हनीमून से की जाती है।


# हसबैंड-वाइफ के रूप में एक मज़बूत बॉन्ड क्रिएट करने का भी ये अच्छा वक्त होता है। कुछ लोगों की ये मानसिकता भी बन गई है कि हनीमून यानी की सेक्स, लेकिन ये ज़रूरी नहीं है, हां हनीमून सेक्स का एक ज़रूरी हिस्सा हो सकता है लेकिन पूरे हनीमून को ही इससे जोड़कर देखना गलत है।


# हनीमून को आप अपनी शादीशुदा ज़िदंगी की शुरूआत से पहले वार्मअप के तौर पर भी ले सकते हैं। यकीन मानिए, इस वार्मअप की यादें आपके दिल में हमेशा खूबसूरती के साथ कैद रहेंगी।


# कुछ लोग इसे एक रोमांटिक वेकेशन मानते हैं तो कुछ शादी के बाद रिलैक्स होने का एक ज़रिया, सोच भले ही सबकी अलग-अलग हो लेकिन हनीमून आज के वक्त में सभी शादीशुदा कपल्स की लाइफ का एक प्यारा सा हिस्सा है।

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