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यहां ना घोड़ी ना बारात, मात्र 12.5 रूपये में ले जाइये अपनी दुल्हन


इंसान अपनी शादी सब कुछ करना चाहता है। लेकिन युवाओं की सोच बहुत तेजी से बदलती जा रही है। राजधानी के मैरिज के कोर्ट में अपने मन पसंद लड़की- लड़का से शादी करने का प्रचलन काफी बढ़ा है। आंकड़ों के कि माने तो हर दिन करीब 15 आवेदन मैरिज रजिस्ट्रार के यहां जमा हो रहे हैं। रांची के युवा शादी के नाम पर हो रहे आडंबर और पैसे फूंकने की प्रवृत्ति से बच रहे हैं।

बढ़ी है जागरूकता:

रांची जिला अवर निबंधन कार्यालय में ऐसी शादियों का ट्रेंड बढ़ गया है। शादी के इस मौसम में यहां प्रतिदिन करीब 45 जोड़े विवाह बंधन में बंध रहे हैं। वो बताते हैं कि रीति रिवाजों से संपन्न हुई शादियों के बाद भी शादी का निबंधन कराने को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है।

क्या है नियम:

विशेष विवाह अधिनियम के अंतर्गत नोटिस आवेदन के लिये 2.50 रुपये व विवाह संपन्न कराने का निबंधन शुल्क 10 रुपये देना होता है। वहीं, मैरिज रजिस्ट्रेशन में विवाह के 60 दिनों तक 500 रुपये और 60 दिनों के बाद 700 रुपये शुल्क देना होता है। युवाओं को लाइन लगने की भी आवश्यकता नहीं. शादी का शुल्क ऑनलाइन अदा करने की व्यवस्था है।

आठ सालों में दोगुना बढ़ी संख्या:

हिन्दू मैरिज अर्थात शादी के बाद रजिस्ट्रेशन के लिये 2010 में जहां 649 था वहीं 2017 में 1366 हो गया। वहीं पिछले साल दिसंबर तक 803 युवाओं को शादी का सर्टिफिकेट दिया गया, जबकि इस साल जनवरी से 15 अप्रैल 2018 तक हिन्दू मैरिज और विशेष विवाह के लिये रजिस्ट्री ऑफिस को 894 आवेदन मिले हैं।

शादी का प्रमाण पत्र अनिवार्य:

रजिस्ट्री कार्यालय में शादी कराना सस्ता है.यहां शादी कर लोग अधिक खर्च से बचते हैं। इसके अलावा दहेज लोलुपता नहीं रहती.शादी का प्रमाण पत्र सभी के लिए अनिवार्य है। यहां शादी व शादी के बाद मैरिज रजिस्ट्रेशन की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है।

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