सरकारी नौकरी

अगर आपको भी हो गया है प्यार तो जान लें प्यार की निशानियां


प्यार एक ऐसा रिश्ता है जो इंसान अपने आप सीखता है। वैसे तो प्यार करना किसी को सिखाने की जरूरत नहीं। एक छोटा सा मासूम बच्चा भी प्यार की भाषा जन्म से ही समझता है। बचपन से ही सभी को प्यार मिले तो खुशी होती है और थोड़ा बड़ा होने पर किसी को प्यार जताना भी आ जाता है। लेकिन कई बार ऐसा भी हो सकता है कि आपके प्यार जताने का तरीका अलग हो, जो दूसरों को समझ ही नहीं आए। 

# सच्चे प्यार को दूरियां भी कम नहीं कर पातीं। प्यार के लिए हमेशा ही साथ रहना भी जरूरी नहीं, सच्चे प्रेमी का प्यार दूरियों में भी बरकरार रहता है। उनमें जलन नहीं होती, चाहे वह खुद जिस भी लेवल पर हो। 

# जहां सच्चा प्यार, वहां डर की कोई जगह नहीं। जहां सच्चा प्यार होता है, वहां आप अपने साथी से हर छोटे-बड़े विषय पर बिना डरे बात कर सकते हैं। वहां आपको यह सोचने की जरूरत नहीं कि यह बात बताऊं या छुपा लूं, क्योंकि आपको मालूम होता है कि आपका साथी कभी आपको गलत नहीं समझेगा। 

# प्यार जरूरत नहीं, प्यार चाहत है। जब आप किसी को अपने अकेलेपन के डर से बचने के लिए अपने जीवन में चाहते हैं, तब वो प्यार नहीं है। तब वह व्यक्ति सिर्फ आपके डर का विकल्प है।

# भावनाओं को केवल मन में नहीं रखते, ज़ाहिर भी करते हैं। प्यार शुरू जरूर भावनाओं से होता है लेकिन यह उससे आगे भी बढ़ता है। एक समय लगता है मानो आप 7वें आसमान पर हों और वही रहना चाहते हों और उस भावना से आप नीचे नहीं आना चाहते। लेकिन प्यार कई सारी भावनाओं का उतार-चढ़ाव है।

# प्यार की पहचान हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकती है। आपको समझना होगा कि आपका साथी प्यार को किस रूप में पहचानता, समझता या अनुभव बेहतर कर पाता है। लोगों का प्यार को देने और पाने का तरीका अलग-अलग होता है।

# सच्चा प्यार अंतर को समझता है और स्वीकार करता है। कोई भी दो व्यक्ति अलग होते हैं। सच्चा साथी आपके अलग होने को गलत नहीं मानता। उसे स्वीकार करता है और उसका सम्मान करता है।

No comments