सरकारी नौकरी

अमावस्या को कभी भूलकर भी ना करें ये काम हो जायेगा सर्वनाश


हर महीने में एक बार अमावस्या और एक बार पूर्णिमा का दिन आता है.पूर्णिमा को शुभ दिन माना जाता है। इस दिन भगवान की उपासना की जाती है। कथा, भजन-कीर्तन और यज्ञ आदि किए जाते है। वही दूसरी ओर अमावस्या को अशुभ दिन माना जाता हैं। इस दिन चन्द्रमा भी आकाश में नहीं दिखाई पड़ता है।

अमावस्या को कभी भूलकर भी ना करें ये काम:

# अमावस्या के दिन नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बहुत ज्यादा होता है लेकिन इस यह दिन  पूजा, जप तप के लिए बहुत ही शुभ होता है। इसके स्वामी पितृ देव है अतः इस दिन कोई भी मंगल कार्य नहीं करना चाहिए नहीं तो उसके अनुकूल परिणाम प्राप्त होते है।

# चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है इसलिए इस दिन मन बहुत असंतुलित होता है। इस दिन मेहंदी ,बरगद ,इमली ,मौलसिरी ,पीपल के पेड़ो के नीचे जाने से बचना चाहिए। क्योंकि इन पेड़ो पर भूत,प्रेतों का वास होता है जो की अमावस्या को ज्यादा शक्तिशाली हो जाते है।

# इस दिन किसी भी जरुरतमंद या अन्य व्यक्ति का दिल नहीं दुखाना चाहिए क्योंकि दिल को ठेस पहुंचाने से शनि और राहु-केतु रुष्ट हो जाते हैं और उनके प्रकोप से आपके जीवन में उथल-पुथल मच सकती है।

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