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अब केंद्र की कुर्सी पर टिकी है तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की निगाहें


जैसे जैसे चुनाव नजदीक आने लगते है कई चौंकाने वाले खुलासे होते है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी अब राज्य की सरहदों से आगे जाते हुए अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को पश्चिम बंगाल में बड़ी भूमिका में देखना चाहती हैं। राजनीतिक पंडितों की मानें तो दीदी की नजर अब केंद्र पर है। लिहाजा वो खुद केंद्र की सियासत को साध रही हैं और अपने भतीजे को पश्चिम बंगाल की कमान सौंपना चाहती हैं।

ममता बनर्जी ही है पार्टी की राष्ट्रीय चेहरा:

इस बारे में पूर्व मंत्री मदन मित्रा ने बताया कि अब ममता बनर्जी ही पार्टी की राष्ट्रीय चेहरा हैं। इसलिए निश्चित तौर से अभिषेक बनर्जी बंगाल में युवाओं के चेहरे होंगे। उन्होंने कहा कि आज के नेता ही कल की उम्मीदें हैं। दीदी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने भी गत दिनों हजरा में पेट्रोल -डीजल के दामों को लेकर प्रदर्शन किया था। 

केंद्र तक लाने की कोशिश :

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान अभिषेक बनर्जी ने कहा कि हमारी पार्टी में सिर्फ एक नेता हैं और हम सभी कार्यकर्ता। टीएमसी में कोई नंबर -2 या नंबर-3 नहीं है। केंद्र की सरकार से बीजेपी को हटाने और अपनी चाची ममता बनर्जी को केंद्र तक पहुंचाने के लिए वे खूब कोशिश कर रहे हैं।

तृणमूल युवा के अध्यक्ष:

2010 में अभिषेक को तृणमूल युवा के अध्यक्ष बनाया गया। बाद में 2014 में डायमंड हार्बर जैसी अहम सीट से वो सांसद चुने गए। तृणमूल युवा, तृणमूल यूथ कांग्रेस में शामिल हो गया, जिसकी कमान खुद ममता बनर्जी ने अपने हाथों में ले ली। इस दौरान ममता बनर्जी ने सुवेंदु अधिकारी को तृणमूल यूथ कांग्रेस के अहम पद से हटा दिया।

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