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वास्तुशास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा में भूल से भी ना करें ये काम


वास्तुशास्त्र, जिसमेें दिशाओं को महत्वपूर्ण माना गया है। वास्तुशास़्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा को अशुभ माना जाता है। अगर मानव अपने जीवन में दिशाओं के अनुसार कार्य करता है, तो उसके जीवन में कभी भी कोई समस्या पैदा नहीं होगी। आज हम आपसे वास्तुशास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा के बारे में बताने जा रहे हैं। 

दक्षिण दिशा में कौन से कार्य नहीं करना चाहिए:

# वास्तु शास्त्र के अनुसार इंसान को दक्षिण दिशा में पैर और उत्तर दिशा में सिर रखकर नहीं सोना चाहिए। इसके पीछे का तर्क पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल पर टिका होना है। पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है।

# दक्षिण दिशा में सोने से फेफड़ों की गति अत्यंत मंद हो जाती है। इसीलिए मृत इंसान के पैर दक्षिण दिशा की ओर कर दिए जाते हैं ताकि उसके शरीर से बचा हुआ जीवांश समाप्त हो जाए।

# वास्तु के मुताबिक घर का मुख्य दरवाजा दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए। खास तौर पर गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा में यात्रा करना हानिकारक होता है। 

# वास्तु के अनुसार प्रात:काल कलश, कूड़ा और अर्थी का दर्शन शुभ बताया जाता है। जानकारों के मुताबिक प्रात:काल शुरू किया गया काम आधा वैसे ही सफल हो जाता है।

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