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इस महिला खिलाड़ी ने लगाए गंभीर आरोप, बयां किया दर्द !


महिलाओं और लड़कियों के साथ हुए उत्पीड़न को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही "मी टू कैंपेन" मुहिम की आग राजनैतिक और मीडिया जगत के बाद खेल तक भी पहुंच चुकी है। स्टार शटलर ज्वाला गुट्टा ने भी अपने साथ हुए उत्पीड़न को ट्विटर पर शेयर किया। ज्वाला गुट्टा ने एक के बाद एक कई ट्वीट्स किए। हालांकि कहीं भी यौन दुराचार का जिक्र तो नहीं है पर ज्वाला ने उनके साथ हुई ‘मानसिक प्रताड़ना’ और चयन में भेदभाव की शिकायत का मुद्दा उठाया।



# लगाए गंभीर आरोप :

14 बार की नेशनल चैम्पियन, महिला युगल में विश्व चैंपियनशिप की पूर्व कांस्य पदक विजेता और ओलंपिक जैसे इवेंट में कई साल तक देश का प्रतिनिधित्व करने वाली ज्वाला गुट्टा ने अपने ट्वीट में किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उन्होंने किसी चीफ का जिक्र किया है। ज्वाला ने आरोप लगाया, ‘2006 से। इस व्यक्ति के प्रमुख बनने के बाद से… राष्ट्रीय चैंपियन होने के बावजूद मुझे राष्ट्रीय टीम से बाहर कर दिया गया। ताजा मामला तब का है जब मैं रियो से लौटी। मुझे फिर राष्ट्रीय टीम से बाहर कर दिया गया। एक कारण बताया गया कि मैंने खेलना छोड़ दिया है!!’


# पुलेला गोपीचंद के साथ मतभेद :

हैदराबाद में रहने वाली इस खिलाड़ी के लंबे समय से मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद के साथ मतभेद रहे हैं। इस दौरान ज्वाला ने यह आरोप भी लगाए कि वह पूरी तरह से एकल खिलाड़ियों पर ध्यान देते हैं और युगल खिलाड़ियों की अनदेखी करते हैं। उन्होंने कहा, ‘2006 से… 2016 तक… बार बार मुझे टीम से बाहर किया जाता रहा… मेरे प्रदर्शन के बावजूद… 2009 में मैंने टीम में वापसी की जब मैं दुनिया की नौवें नंबर की खिलाड़ी थी।

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