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महिलाओं की गुहार: क्या मैं अंदर आ सकती हूँ, भगवन् !!


इन दिनों मुसलमान और हिन्दू समुदायों की महिलाओं को एक ही मुद्दे पर संघर्ष करना पड़ रहा है-आराधनास्थलों में प्रवेश के मुद्दे पर। जहां ‘भूमाता बिग्रेड‘ की महिलाएं, शनि शिगनापुर (अहमदनगर, महाराष्ट्र) मंदिर में प्रवेश का अधिकार पाने के लिए संर्घषरत हैं वहीं मुंबई में हाजी अली की दरगाह तक फिर से पहुंच पाने के लिए महिलाएं कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। 

सबरीमला मंदिर में महिलाओं का मामला:

सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का मसला तो गरमाया हुआ है ही। अनुकरणनीय साहस प्रदर्शित करते हुए हाल में बड़ी संख्या में महिलाएं कई बसों में शनि शिगनापुर मंदिर पहुंची परंतु उन्हें मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया।


क्यों नहीं दिया जाता मंदिर में प्रवेश:

शनि शिगनापुर में पुरूषों को तो चबूतरे पर चढ़ने का अधिकार है परंतु महिलाओं के लिए इसकी मनाही है क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि चबूतरे पर चढ़ने वाली महिलाओं को शनि महाराज की बुरी नजर लग जाएगी। इस तरह यह दावा किया जाता है कि महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध के पीछे आध्यात्मिक कारण हैं। महिलाओं का प्रवेश इसलिए प्रतिबंधित है क्योंकि भगवान अय्यपा ब्रम्हचारी हैं। मंदिर के संचालकों का कहना था कि प्रजनन योग्य आयु की महिलाओं की उपस्थिति से ब्रहमचारी  भगवान का मन भटकेगा।

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