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गर्भाशय में सूजन आने पर रखें इन बातों का रखें ध्यान


मौसम का प्रभाव गर्भाशय को अत्यधिक प्रभावित करता है जिससे प्रभावित होने पे महिलाओं को बहुत कष्ट उठाना पड़ता है। गर्भाशय में तकलीफ महिलाएं बर्दाश नहीं कर पाती और इसके लिए फिर ऑपरेशन जैसी चीज़े करनी पड़ती हैं। ऐसा होने पर भूख नही लगती है सर-दर्द-हल्का बुखार या कमर-दर्द-और पेट दर्द की समस्या रहती है। 

इन बातों का रखें ध्यान:

# इस रोग से पीड़ित महिला को चटपटे मसालों-मिर्च-तली हुई चीजें और मिठाई से परहेज रखना चाहिए।

# पीड़ित स्त्री को दो तीन बार अपने पैर कम से कम एक घंटे के लिए एक फुट ऊपर उठाकर लेटना चाहिए और आराम करना चाहिए।

# गर्भाशय में सुजन हो जाने पर महिला रोगी को चार-पांच दिनों तक फलों का जूस पीकर उपवास करना चाहिए। उसके बाद बिना पका हुआ संतुलित आहार लेना चाहिए।

# एरण्ड(अंडी) के पत्तों का रस छानकर रूई भिगोकर गर्भाशय के मुंह पर तीन-चार दिनों तक रखने से गर्भाशय की सूजन मिट जाती  है।

# रेवन्दचीनी को 15 ग्राम की मात्रा में पीसकर आधा-आधा ग्राम पानी से दिन में तीन बार लेना चाहिए। इससे गर्भाशय की सूजन मिट जाती है।

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