सरकारी नौकरी

क्या वाकई में मुहब्बत है शारीरिक संबध, आप भी जान लीजिये क्या है सच ??


प्रेम की शक्ति इंसान में उत्साह उत्पन्न करती है, लेकिन आज के परिवेश में प्रेम के माने ही बदल गए हैं। मुहब्बत के अस्तित्व पर आज सैक्स का कब्जा हो गया है। प्रेम चटपटा मसाला मात्र बन गया है। सच्चे प्रेम से खिलवाड़ करना किसी बड़े अपराध से कम नहीं है। प्रेम मनुष्य को अपने अस्तित्व का वास्तविक बोध करवाता है। प्रेम की शक्ति इंसान में उत्साह पैदा करती है। 

शारीरिक संबध क्या वाकई में मुहब्बत है:

# आज के मल्टी चैनल युग में टीवी और फिल्मों ने जानकारी नहीं मनोरंजन ही परोसा है। समाज द्वारा किसी भी रूप में भावनाओं का आदर नहीं किया जाता। प्रेम का मधुर एहसास तो कुछ सप्ताह तक चलता है। अब तन के उपभोग की अपेक्षा है।


# प्रेम अब सड़क, टाकीज, रेस्तरां और बागबगीचों का चटपटा मसाला बन गया है। वर्तमान प्रेम क्षणिक हो चला है, वह क्षणभर दिल में तूफान ला देता है और अगले ही पल बिलकुल खामोश हो जाता है। युवा आज इसी क्षणभर के प्रेम की प्रथा में जी रहे हैं।

# एक शोध के अनुसार, 86% युवाओं की महिला मित्र हैं, 92% युवक ब्लू फिल्म देखते हैं, तो 62% युवक और 38% युवतियों ने विवाहपूर्व शारीरिक संबंध स्थापित किए हैं।

# एक नई तहजीब भी इन युवाओं में गहराई से पैठ कर रही है, वह है डेटिंग यानी युवकयुवतियों का एकांत मिलन।


# शोध के अनुसार, 93% युवकयुवतियों ने डेटिंग करना स्वीकार किया। इन में से एक बड़ा वर्ग डेटिंग के समय स्पर्श, चुंबन या सहवास करता है।

No comments