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पति-पत्नी के बीच प्रेम के ग्रह शुक्र को प्रबल करती है ये शुक्र मेखला अंगूठी


आज हर इंसान को प्यार का भूत सवार है लेकिन कई बार वो अपने प्यार में कामयाब नहीं हो पाता है। कुंडली में सेक्‍स और उससे संबंधित ऊर्जा के लिए शुक्र ग्रह ही जिम्‍मेदार है। शुक्र का कुंडली में अच्‍छा होना इस बात को सुनिश्‍चित करता है कि व्‍यक्ति को स्‍त्री सुख खूब मिलेगा। कुंडली में शनि और शुक्र की युति आपको सुंदर और कामुक बनाता है। इससे आपके प्रति विपरीत लिंग के लोग आसानी से आकर्षित होते हैं।

प्रेम के ग्रह शुक्र को प्रबल करती है ये शुक्र मेखला अंगूठी:

# कुंडली में शुक्र–मंगल–शनि की युति भी आपको विपरीत लिंग के प्रति बहुत आकर्षण देती है। किसी कुंडली में शुक्र अगर 7वें, 8वें, 11वें और 12वें भाव का स्‍वामी हो तो भी स्‍त्री सुख की कोई कमी नहीं रहती है।

# शुक्र मंगल के नक्षत्र में हो या फिर मंगल शुक्र के नक्षत्र में हो तो भी व्‍यक्ति खूब आकर्षक होता है। 

# शनि के नक्षत्र में शुक्र आ जाए या शुक्र के नक्षत्र में शनि आ जाए तो भी व्‍यक्ति का आकर्षण इतना होता है उसे कभी ना नहीं सुनना पड़ता है।

# शुक्र पर शनि की दृष्टि हो या मंगल की दृष्टि हो तो भी व्‍यक्ति के शारीरिक सुख में कभी कमी नहीं आती और कभी ऐसे व्‍यक्ति को सर झुकाना नहीं पड़ता है।

# लेकिन सभी को ईश्‍वर इस अमूल्‍य ग्रह संयोग का उपहार नहीं देते। शुक्र की कुंडली में उपस्थिति कैसी भी हो उसे मजबूत कर अपने पौरूष को जीवित और अविजित रखने का उपाय भी है। 

# इस अंगूठी में शुक्र का रत्‍न ओपल, शनि का रत्‍न कटेला और लव स्‍टोन के नाम से जाना जाने वाला रत्‍न फिरोया जाता है। इसे शुक्र तथा शनि के मंत्रों से अभिमंत्रित किया गया है। 

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