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कुंडली से जानें अपना भविष्य, आप ‘अमीर’ है या ‘गरीब’ !!


कुंडली नक्षत्रों और ग्रहों की उन सटीक स्थितियों को दर्शाती है जो जातक के जन्म के समय आकाश में थीं। इन खगोलीय स्थितियों को सरल रूप में कुंडली की सूरत में चिन्हित किया जाता है जिससे उसका विश्लेषण किया जा सके। ग्रहों की स्थिति और अन्य ग्रहों के साथ युति के आधार पर ही व्यक्ति के सुख-दुख और धन संबंधी मामलों का अनुमान लगाया जाता है। कुंडली के कुछ योग धन संबंधी बातों से जुडे हैं। 

धनवान होने के संकेत:

# जन्म कुंडली का दूसरा घर या भाव धन का होता है। इस भाव के कारण ही व्यक्ति की स्थायी संपत्ति का अनुमान लगाया जाता है। इस भाव के तहत ही धन, आभूषण आदि का अनुमान लगाया जाता है।

# व्यक्ति की कुंडली के दूसरे भाव मे शुभ माने जाने वाले ग्रहों के अवस्थित होने पर अत्यधिक धन-सम्पदा की प्राप्ति हो सकती है।

# दूसरे भाव में चंद्रमा के स्थित होने पर धनवान होने की प्रबल सम्भावना होती है। प्रचुर धन होने के कारण ऐसे व्यक्तियों को किसी भौतिक वस्तुओं की प्राप्ति के लिये अधिक परिश्रम नहीं करना पड़ता है।

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