सरकारी नौकरी

Exam: बोर्ड परीक्षा के समय इस तरह रखें बच्चे का ख्याल, मन को पढ़ना भी है जरूरी


अक्सर बच्चों के ऊपर पढ़ाई, परीक्षा और इसके बाद बेहतर करने का दबाव इतना ज्यादा है कि एकाग्र होकर पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है। हर समय सबसे अच्छा करने या बेहतर परिणाम लाने की चिंता में वे कुछ भी ढंग से कर नहीं पाते हैं। उसके नर्वस सिस्टम से तनाव वाले हार्मोन्स एड्रेनेलाइन और कॉर्टिसोल का स्राव होने लगता है, जो शरीर को इमरजेंसी एक्शन लेने के लिए उकसाता है।

बढ़ जाता है तनाव:

परीक्षा के दौरान बच्चों का तनाव कई गुना बढ़ जाता है। इन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जो सुनने में एकबारगी तो आम लगती हैं, लेकिन इनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं हैं।"

ये होती हैं समस्याएं:

# डाटा या कॉन्सेप्ट को पहचानने में कठिनाई। विचार बनाने या व्यक्त करने में कठिनाई। समय का ध्यान नहीं रहना।

# एकाग्रता में कमी, ध्यान का भटकना। निर्देर्शो का पालन नहीं कर पाना। जल्दबाजी में गलतियां कर देना।

ऐसे रखें ख्याल:

परीक्षा के दौरान इन बच्चों का तनाव कम करने के लिए उनके माता-पिता उन्हें ट्यूशन या रेमेडी क्लास भेजकर उनके तनाव को कुछ कम जरूर कर सकते हैं। स्कूल भी यदि अपनी जिम्मेदारी समझकर कक्षाएं समाप्त होने के बाद एडीएचडी विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रोग्राम का आयोजन कर सकते हैं।

No comments