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घर में पूजा के दौरान किस दिशा में होना चाहिए आपका मुँह, महत्वपूर्ण है ये बात


पूजा के समय हमें कई बातों का ध्यान रखना बहुत जरुरी होता है। जिनमे सबसे महत्वपूर्ण है दिशा। ईशान कोण देवताओं का स्थान है और यहां स्वयं भगवान शिव रहे हैं ऐसे में देव गुरु बृहस्पति और केतु की दिशा भी ईशान कोण ही होती है और यही कारण है कि यह कोण पूजा-पाठ या अध्यात्म के लिए सबसे बेहतर माना जाता है।

पूजा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान:

# पूजाघर में गंदगी एवं आसपास के वातावरण में शौरगुल होने से पूजाकक्ष दोषयुक्त हो जता हैं फिर चाहे वह वास्तुसम्मत ही क्यों न बना हो लेकिन वह दोषयुक्त माना जाता है। 

# इसी के साथ विधार्थियो को ज्ञान प्राप्ति नहीं होती है और अगर आप सभी इसके विपरीत लाभ पाना चहिए हैं तो पूर्व दिशा में मंदिर की स्थापना करिए और पूर्व दिशा की ओर मुंह करके ही पूजा कीजिए। 

# वास्तु के अनुसार इन जगहों पर मंदिर नहीं होने चाहिए। जैसे घर में सीढ़ियों के नीचे, शौचालय या बाथरूम के पास में,ऊपर नीचे और बेसमेंट में आदि।

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