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इन लोगों को कभी नहीं करना चाहिए सुंदर लड़की से विवाह, हो जायेंगे बर्बाद


इंसान अपने जीवन को सुखमय बनाने के लिए कई चीजों का सहारा लेता है। मनुष्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए कई ऐसी नीतियां बनाई हैं, जिनका पालन करने से वह हर समस्या का सामना कर सकता है। उनकी नीतियां व्यवहारिक हैं और जीवन के हर मोड़ पर उपयोगी हैं। आचार्य चाणक्य ने अपनी एक नीति में ऐसे चार लोगों के बारे में बताया है कि जो आपके सबसे बड़े शत्रु हो सकते हैं।

ये लोग हो सकते है आपके दुश्मन:

# कर्ज लेने वाला पिता पुत्र के लिए शत्रु के समान माना गया है। पिता का धर्म अपनी संतान का अच्छे से लालन-पालन करने का है। अगर पिता कर्ज के बोझ से दबा हुआ हो तो वह संतान के लिए यह कष्टदायी होता है।

# अगर माता का व्यवहार सभी संतान के लिए एक समान नही है तो वह माता शत्रु के समान हैं। अगर माता संतान का लालन पालन सही से नहीं कर पाती है और उनका पति के अलावा अन्य पुरुष से संबंध भी है तो यह संतान के लिए घातक है।

# स्त्री का अति रूपवती होना उसके पति के लिए बड़ी समस्या बन जाती है, अगर पति कमजोर है और उसकी रक्षा करने में असमर्थ है। कमजोर और असमर्थ पुरुष के लिए रूपवती स्त्री शत्रु के समान है।

# मूर्ख संतान माता-पिता के लिए शत्रु के समान होती है। ऐसी संतान से जीवनभर केवल कष्ट मिलता है। इसके विपरीत जो माता-पिता अपनी संतान को अच्छी शिक्षा नहीं दिलाते वह भी संतान के लिए शत्रु समान होते हैं।

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