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भारत में होगा इस खास सिस्टम का ट्रायल, चेहरा देखकर पकड़ेगा अपराधी


आजकल अपराध दिन पर दिन बढ़ते जा रहे है। और अपराधी पकडे जाने के बाद भी झूठ बोलकर छूट जाते है। लेकिन अब यह चेहरे के भाव को देखकर बताया जा सकेगा। लंदन के स्टार्टअप फेससॉफ्ट ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से लैस ऐसा सिस्टम तैयार किया है जो चेहरे के इमोशंस को पढ़कर सच और झूठ की पहचान करेगा। इस एआई सिस्टम का ट्रायल जल्द ही ब्रिटेन और भारत में मुंबई पुलिस करेगी।

भारत में होगा इस खास सिस्टम का ट्रायल:

स्टार्टअप फर्म फेससॉफ्ट के मुताबिक, आपके दिमाग में क्या चल रहा है इसकी जानकारी चेहरे पर मौजूद माइक्रो एक्सप्रेशन से मिलती है। मनोवैज्ञानिकों ने 1960 में पहली बार इसका पता लगाया था। मनोवैज्ञानिकों ने पहली बारे इसे सुसाइड करने की कोशिश करने वाले मरीजों में देखा। जो अक्सर दिमाग में चल रहे नकारात्मक विचारों को छिपा रहे थे।

चेहरा देखकर पकड़ेगा अपराधी:

फेससॉफ्ट के फाउंडर डॉ. पोनिआह का कहना है कि अगर कोई इंसान जबरदस्ती मुस्कुराता है तो यह भाव उसकी आंखों में नहीं नजर आता है। यह एक तरह का माइक्रो एक्सप्रेशन है। रिसर्च में इम्पीरियल कॉलेज लंदन के एआई एक्सपर्ट स्टेफिनोज के मुताबिक, पूछताछ के दौरान अपराधी के चेहरे पर दिखने वाले अस्वाभाविक भावों को रिकॉर्ड किया जाएगा। इसके बाद मनोवैज्ञानिक इनका विश्लेषण करेंगे।

भीड़ में भी नहीं बचेगा अपराधी:

एआई एक्सपर्ट के मुताबिक, फेशियल रिकग्निशन का प्रयोग लोगों की सुरक्षा और देश के विकास में किया जा सकता है। इसकी मदद से भीड़ में भी मौजूद गुस्सैल इंसान का पता लगाया जा सकता है। यूके और मुंबई पुलिस जल्द ही कैदियों पर इसका ट्रायल करेगा।

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