सरकारी नौकरी

loading...

अब चिदंबम नहीं मंगा सकेंगे घर से खाना, अदालत से नहीं मिली इजाजत


पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी. चिदंबरम द्वारा दायर नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि जेल में सभी के लिए एक समान भोजन उपलब्ध है, कोई घर का खाना नहीं मंगवा सकता। अदालत ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में तिहाड़ जेल में बंद चिदंबरम की याचिका पर सुनवाई के दौरान गुरुवार को यह टिप्पणी की। चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने अदालत से अनुरोध किया कि उनके मुवक्किल को जेल में घर का बना हुआ खाना मंगवाने की अनुमति दी जानी चाहिए।

मगर न्यायाधीश सुरेश कुमार कायत ने कहा, "जेल में सभी के लिए एक समान भोजन उपलब्ध है।"

अदालत की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सिब्बल ने कहा, "मी लॉर्ड, वह 74 वर्ष के हैं।"

इसके बाद अभियोजन पक्ष की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जवाब दिया, "ओम प्रकाश चौटाला भी वृद्ध हैं और एक राज्य के राजनेता होते हुए सजा भुगत रहे हैं। हम किसी के साथ भेदभाव नहीं कर सकते।"

ये दलीलें तब पेश की गईं, जब अदालत आईएनएक्स मीडिया से संबंधित मामले में चिदंबरम द्वारा दायर नियमित जमानत (जब व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया हो) याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

सुनवाई के दौरान चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ लगाए गए आरोप से संबंधित अपराध के लिए केवल सात साल कैद का प्रावधान है।

उन्होंने आगे दलील दी कि उनके मुवक्किल पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा-420 के आरोप भी नहीं लगाए जा सकते, क्योंकि इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है।

No comments