सरकारी नौकरी

loading...

सूर्यास्त से पहले भोजन करना क्यों है जरूरी, जान लें जरुरी बात


हिन्दू और जैन धर्म में भोजन करने के कई नियम तय किए गए हैं जैसे कि भोजन के पूर्व पानी पिया तो उत्तम, बीच में पीया तो मध्यम और बाद में पिया तो निम्नतम माना गया है। पूर्व भी लगभग आधा घंटा पूर्व और भोजन पश्‍चात करीब पौन घंटा पश्‍चात ही पानी पीएं। बीच में पानी सिर्फ एक बार पी सकते हैं।

भोजन करने संबंधी कुछ जरूरी नियम:

सूर्यास्त के पहले भोजन करने से पाचन तंत्र ठीक रहता है। भोजन को सुबह तक पचने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है।

सूर्यास्त के पहले भोजन करने से व्यक्ति कई तरह की बीमारियों से भी बच जाता है, क्योंकि रात्रि में कई तरह के बैक्टिरिया और अन्य जीव हमारे भोजन से चिपक जाते हैं या उनमें स्वत: ही पैदा होने लगते हैं।

सूर्यास्त के बाद मौसम में नमी बढ़ जाती है और इस नमी के कारण कई तरह के सूक्ष्म जीव और बैक्टिरिया उत्पन्न हो जाते हैं। सूर्य की रोशनी में ये गरमी के कारण पनप नहीं पाते हैं।

सूर्यास्त के बाद प्रकृति सोने लगती है। वृक्ष, पशु और पक्षी सभी नींद के आगोश में जाने लगते हैं। हमारा भोजन भी प्रकृति का एक हिसा है। प्रकृति बदलने से उसकी गुणवत्ता में भी गिरावट आ जाती है।

No comments