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सावधान: खुले में शौच करने से हर साल 2 लाख बच्चे नहीं मना पाते है अपना पांचवा जन्मदिन!!


हाल ही में कई स्वछता अभियान चलाए जा रहे है। सरकार के प्रयास के चलते सभी जगह शौचालय बनाए गए हैं लेकिन बहुत से शोध में यह खुलासा हुआ है कि लोग आज भी शौच के लिए बाहर ही जाते हैं। शौचालय आज के समय में सभी के लिए रोटी,कपडा, मकान जैसी अहमियत रखता है। आज के समय में भी ऐसा होता है कि लोगों के घरों में शौचालय है लेकिन फिर भी परम्परा का हवाला देकर लोग बाहर की ओर भागते हैं।

जागरूकता भी है जरुरी:

कई लोग आज भी बाहर ही शौच करना पसंद करते हैं भले ही वह उससे खुद बीमार हो या अन्य लोगों को बीमार करें लेकिन यह कहीं ना कहीं उनकी आदत में शामिल हो गया है। आज के समय में लोगों को जागरूकता की जरूर है जो उनमे फैलाना चाहिए ताकि वह बाहर शौच के लिए ना जाए। लोगों को खुले में शौच से होने वाले नुकसान के बारे में बताना होगा। उन्हें यकीन दिलाना होगा कि खुले में शौच कितना घातक है तभी खुले में शौच जैसी प्रक्रिया खत्म होगी।

क्या है खुले में सोच से मौत के आंकड़े:

शोधकर्ताओं ने भारत में खुले में शौच से हो रहे नुकसानों पर शोध की तो उन्होंने पाया कि, ''हर साल भारत में करीब 2 लाख बच्चे खुले में शौच जाने की वजह से अपना पांचवा जन्मदिन नहीं मना पाते हैं।'' उनके अनुसार, ''खुले में शौच से फैल रहे संक्रमण की वजह से बच्चों की लंबाई और पोषण पर भी असर पड़ रहा है और खुले में शौच से पैदा होने वाले कीटाणुओं से बच्चों की शारीरिक ही नहीं मानसिक विकास पर भी असर पड़ रहा है।''

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