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राजस्थान में टिड्डियों को मारने के लिए यूके से मंगवाई जा रही माइक्रॉन स्प्रेयर मशीन


राजस्थान में फसलों पर टिड्डियों के आतंक का अंत करने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय यूके से उच्च प्रौद्योगिकी युक्त माइक्रॉन स्प्रेयर मशीनें मंगवा रहा है। मंत्रालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगले दो-तीन दिनों में यह मशीनें टिड्डी प्रभावित राजस्थान के क्षेत्र में पहुंच जाएंगी। पाकिस्तान से आने वाली टिड्डियां राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर, जालोर और बाड़मेर में फसलों पर कहर बरपा रही हैं। इससे पहले टिड्डियों का खात्मा करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल हो चुका है, लेकिन इनका आतंक इतना ज्यादा है कि व्यापक पैमाने पर इससे निपटने के उपाय करने की जरूरत है।

सूत्र ने बताया कि कृषि मंत्रालय ने इस सिलसिले में पहले गहन विचार-विमर्श के बाद यूके से उच्च प्रौद्योगिकी युक्त माइक्रॉन स्प्रेयर मशीनें खरीदने का फैसला लिया है।


उन्होंने बताया कि यूके से मंत्रालय ने 10 मशीनें खरीदें हैं, जो काफी महंगी हैं। उन्होंने बताया कि इन मशीनों का फील्ड ट्रायल यूथोपिया में हो चुका है और टिड्डियों का खात्मा करने में इन मशीनें का इस्तेमाल काफी कामयाब रहा है।

इससे पहले केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने आईएएनएस को दिए एक साक्षात्कार में बताया कि खतरनाक टिड्डी दल के प्रकोप से किसानों को निजात दिलाने के लिए ड्रोन तैनात किया गया है। उन्होंने कहा, पाकिस्तान से आने वाली ये टिड्डी खतरनाक हैं और किसान इनसे परेशान हैं। हमने इनका खात्मा कर किसानों की परेशानी दूर करने के लिए अमेरिकी विशेषज्ञों की मदद मांगी है।


चौधरी ने बताया कि पाकिस्तान की सीमा से लगे बाड़मेर, जालौर, जैसलमेर और आसपास के जिलों में फसलों पर टिड्डी कहर बरपा रहे हैं।

ये माइक्रोन स्प्रेयर मशीनें खासतौर से टिड्डियों की समस्या का समाधान करने के लिए बनाई गई हैं, जिनमें माइक्रॉन रोटेरी केज स्प्रेयर टेक्नोलोजी का इस्तेमाल किया गया है, इससे समुचित ढंग से छिड़काव किया जाता है।

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