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आखिर ऐसा क्यों होता है महिलाओं के प्राइवेट पार्ट्स का कलर, क्योंकि महिलाएं...


लड़कियां अपने निजी अंगों की खास देखभाल करती है। लेकिन आपने कभी गौर किया है कि इंसान के प्राइवेट पार्ट्स हमेशा ढके होने के बावजूद भी उनका रंग हमारे शरीर के रंग से गहरा होता है। सिर्फ प्राइवेट पार्ट्स ही नहीं बल्कि उसके आस पास का हिस्सा जैसे इनर थाई और बट्स का रंग भी गहरे शेड्स का होता है।

प्राइवेट पार्ट्स का कलर:

प्राइवेट पार्ट्स के गहरे रंग का होने का मुख्य कारण है पसीना। शरीर के तापमान को बराबर करने के लिए पसीने का स्राव त्वचा के रोमछिद्रों से होता है। कई लेयर्स के ढका होने के कारण मनुष्य के निजी क्षेत्रों में बराबर हवा नहीं पहुंच पाती और वहा हमेशा नमी बनी रहती है। बिजी लाइफ होने के कारण इंसान बार बार प्राइवेट पार्ट्स के पसीने को साफ़ नहीं कर पाता है।


जब भी इंसान अकेला होता है या नहाता है तभी प्राइवेट पार्ट्स का पसीना साफ़ करता है। यही कारण है कि मनुष्य की त्वचा का रंग बदलने लगता है। डॉक्टर्स के अनुसार ऐसे अंडर गारमेंट्स पहने जिनसे प्राइवेट पार्ट्स में सूचारी रूप से हवा का आदान प्रदान हो ताकि पसीना सूखता रहे।

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