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आखिर क्या होता है वर्जिन होने का असली मतलब, लड़कियां ऐसे रखें ख्याल


लड़कियों के वर्जिन होने से तात्पर्य योनी के टाइट होने से है। शिशु के जन्म के बाद, उम्र बढ़ने या एक्सरसाइज न करने आदि कुछ कारणों से योनी में ढीलापन आ जाता है। हालांकि इसे दूर किया जा सकता है और योनी को फिर से टाइट बनाया जा सकता है।


वर्जिन बनने के लिए कोई गोलियां या दवाएं नहीं होती है। तो अगर कोई प्रोडक्ट या दवा कंपनी ऐसा दवा करे तो उस पर भूले से भी यकीन न करें। दरअसल ढीलापन योनी में नहीं, बल्कि पेल्विक प्लोर की मांसपेशियां में आता है। और इसे प्राकृतिक तरीकों, जैसे एक्सरसाइज आदि से दूर कर दोबारा से योनी को टाइट बनाया जा सकता है।


एक शोध के अनुसार, शिशु के जन्म के बाद योनी की मांसपेशियों को दोबारा सामान्य आकार में आने में कम से कम 6 महीने का समय लगता है। दूसरी बार योनी का आकार उम्र बढ़ने के साथ बदलता है। दरअसल, बढ़ती उम्र में महिलाओं के हार्मोंस में बदलाव आता है। अर्थात बढ़ती उम्र में वैजाइनल वॉल मोटी हो जाती है और कम लचीली हो जाती है। ऐसे में योनी की मसल्स ढीली हो जाती है।

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