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सियासत: सचिन पायलट के निष्ठावान विधायक विश्वेंद्र सिंह ने बयान, 'हमें बागी मत कहो'

राजस्थान में सियासी घमासान कई दिनों के बाद एक बार फिर पटरी पर लौटता नजर आ रहा है। भरतपुर के विधायक विश्वेंद्र सिंह ने उनके और सचिन पायलट खेमे के अन्य विधायकों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे बागी शब्द पर आपत्ति जताई है। राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी संभालने वाले सिंह ने हाल ही में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अगुवाई में चल रही कांग्रेस सरकार के खिलाफ बगावती तेवर दिखाए थे, जिसके बाद उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था।

विश्वेंद्र सिंह के बड़े बयान:

सिंह ने कहा, यह दुखद है कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और निर्दलीय विधायक, जो कांग्रेस उम्मीदवारों को हराने के बाद कांग्रेस में शामिल हो गए, अब हमें बागी (विद्रोही) कह रहे हैं। क्या यह आत्ममंथन करने का समय नहीं है कि असली बागी कौन हैं, वे या हम?

उन्होंने कहा, कई निर्दलीयों को टिकट नहीं मिला, इसलिए उन्होंने विद्रोह किया और निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़े। उन्होंने हमारे उम्मीदवारों को हराया। जबकि वे बाहरी थे, जिन्होंने कांग्रेस के खिलाफ अपने उम्मीदवार खड़े किए थे। हम असली योद्धा थे, जिन्होंने जमीनी स्तर पर कड़ी मेहनत की।

सिंह ने कहा, ये बाहरी लोग हमें बागी कैसे कह सकते हैं? सिंह ने कहा कि पायलट और अन्य 18 विधायक सरकार को गिराने के लिए दिल्ली नहीं गए। उन्होंने कहा, हम अपना संदेश देने के लिए आलाकमान से मिलने गए थे कि संगठन और सरकार के बीच तालमेल का अभाव है।

सिंह ने कहा, हमारी दुर्दशा की कल्पना करें, जैसे ही हम चले गए, राज्य सरकार ने विशेष परिचालन समूह, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और अन्य एजेंसियों को सक्रिय किया और हम पर राजद्रोह का आरोप लगाया। हमें बताएं कि हमने पार्टी विरोधी कौन सी गतिविधि की? क्या हमने ऐसा कुछ किया, जो राष्ट्र-विरोधी था?

सिंह से सवाल पूछा गया कि, जैसा खरीद फरोख्त के लिए मुख्यमंत्री ने दावा किया था, क्या उन्होंने भाजपा से 25-35 करोड़ रुपये लिए हैं? इस पर सिंह ने कहा, अगर हमें यह राशि मिलती तो हम राजस्थान में नहीं बैठे होते।

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