सरकारी नौकरी

loading...

आईपीएल के मुख्य प्रायोजक में अमेजन, अनअकेडमी पर नजरें, जियो भी हो सकता है शामिल


आईपीएल के 13वें सीजन में से वीवो को हटाए जाने के बाद लीग के लिए नए प्रायोजकों के लिए जमीन खाली हो गई है। वहीं बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि या तो ई-कॉमर्स या ई-लनिर्ंग कंपनियों में से कोई इसमें कूद सकता है साथ ही टैलीकॉम सेक्टर में से भी कोई कंपनी अपने हाथ आजमा सकती है।

एक बाजार विशेषज्ञ ने कहा कि दिवाली के कारण अमेजन जैसा ब्रांड इसमें कूद सकता है। साथ ही इस डील में उन्हें वीवो की रकम 440 करोड़ से कम रकम लगानी होगी। कोई भी कंपनी इसमें आए यह हर किसी के लिए अच्छी स्थिति है।

विशेषज्ञ ने कहा, इस लॉकडाउन में जो कुछ हुआ और इसका बाजार पर आर्थिक प्रभाव जो पड़ा, इसमें दो बड़े खिलाड़ी निकल कर सामने आए ई-लनिर्ंग और ई-कॉमर्स सेक्टर। आप किसी नए खिलाड़ी के आने की उम्मीद नहीं कर सकते कि कोई स्टार्टअप आ जाए। लेकिन हो सकता है कि बायजूस जो पहले से ही बीसीसीआई परिवार का हिस्सा है, इसमें आ सकता है और इवेंट कर सकता है। अनअकेडमी को नहीं भूलिए जो अपने आप को क्रिकेट जगत से जोड़ने के पीछे लगा है।”

एड फील्म बनाने वाले प्रहलाद कक्कर का मानना है कि किसी को फार्मा सेक्टर को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि इस महामारी के दौरान कुछ फर्मा कंपनियों ने भी काफी अच्छा किया है। लेकिन उन्होंने कहा कि अमेजन इस सूची में सबसे आगे हो सकती है।

एक और बाजार विशेषज्ञ ने कहा कि अगर जियो इस रेस में कूदता है और उसके मालिक के बीसीसीआई से भी अच्छे संपर्क हैं। उन्होंने कहा, “जियो ऐसा ब्रांड है जो आठों टीमों से जुड़ा है। वो क्यों मुख्य प्रायोजक के खेल में नहीं कूदेगी। अगर वह कूदते हैं तो यह बीसीसीआई के साथ उनके संबंधों के कारण होगा। आंकड़ों के हिसाब से आईपीएल विंडो में वो सबसे बड़ा ब्रांड है।” उन्होंने कहा, “लेकिन आप जियो टेलीकॉम इंडस्ट्री का काबिलियत को नजरअंदाज नहीं कर सकते, अगर वो चाहे तो। वो छुपा रुस्तम साबित हो सकता है।”

No comments