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शिक्षा मंत्रालय: स्कूल खोले जाने का फैसला अभी नहीं, छात्रों को रेडियो देने की सलाह


कोरोना के इस काल में बच्चों की शिक्षा पर खास असर पड़ा है। राज्य सभा सांसद विनय सहस्रबुद्धे की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्रालय संबंधी संसद की स्थायी समिति ने कोरोनोवायरस महामारी के बीच शिक्षा और छात्रों की स्थिति पर चर्चा की। सहस्रबुद्धे के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के बाद से यह समिति की पहली बैठक थी। बैठक में स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा के सचिव, यूजीसी के अध्यक्ष, एआईसीटीई और सीबीएसई के अधिकारी शामिल हुए।

सभी छात्रों को लैपटॉप और मोबाइल फोन देना संभव नहीं है, इसलिए सांसदों ने जरूरतमंद छात्रों को ट्रांजिस्टर देने की सलाह दी है। सांसदों के मुताबिक यह कदम लागत प्रभावी होगा और इसे ग्रामीण क्षेत्रों में भी आसानी से लागू किया जा सकता है। बैठक में मौजूद एक सांसद ने कहा, शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि 2020 शून्य शिक्षा का वर्ष नहीं होगा, छात्रों को शिक्षा प्रदान की जाएगी। फिलहाल परीक्षाएं केवल उच्च शिक्षा के लिए होंगी।

कई सांसदों ने बैठक में अधिकारियों को बच्चों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने की व्यवहार्यता के बारे में बताया। इस दौरान शिक्षा में सुधारों पर भी चर्चा हुई। परीक्षा के दौरान किसी छात्र की प्रगति का आंकलन करने के लिए प्रश्न बैंक को अपनाने की प्रणाली के उपयोग पर भी बात की गई।

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